भारत और पाकिस्तान के बीच का कारगिल युद्ध : ऑपरेशन विजय

भारत और पाकिस्तान के बीच का कारगिल युद्ध : ऑपरेशन विजय मई और जुलाई 1999 के बीच कश्मीर के करगिल जिले में हुआ। कारगिल युद्ध पर कई किताबें लिखी गई हैं, जिनमें उन पहलुओं का जिक्र है, जो आम लोगों को मालूम नहीं हैं.

आइये कारगिल युद्ध को समझने का प्रयास करते है:-

कारगिल युद्ध की शुरुआत 8 मई 1999 से हुई थी। दरअसल उस दिन पाकिस्तानी फौजियों और कश्मीरी आतंकियों को कारगिल की चोटी पर देखे जाने की पुष्टि हुई थी। पाकिस्तान सेना की ओर से 5000 से ज्यादा सैनिक कारगिल पर चढ़ाई के लिए भेजे गये थे। पाकिस्तानी घुसपैठियों ने उन भारतीय चौकियों पर कब्जा जमा लिया था जिनको भारतीय सेना की ओर से सर्दियों के मौसम में खाली कर दिया जाता था।

कारगिल युद्ध

भारतीय सेना के लिए बहुत मुश्किल था कि ऊँची पहाड़ियों पर बैठे पाकिस्तानी सेना से युद्ध कर सके। क्योंकि वहां से पाकिस्तानी गोलियां बरसा रहा था। भारतीय जवानों को आड़ लेकर या रात में चढ़ाई कर ऊपर पहुँचना पड़ रहा था जोकि बहुत ही जोखिम था। तब बोफोर्स तोपें कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के बहुत काम आयीं। बोफोर्स तोपें दुश्मनों पर कहर बनकर ढाई गई। लेकिन भारतीय जवान बड़ी संख्या में शहीद होते जा रहे थे जिससे सरकार को भी आलोचना झेलनी पड़ रही थी। तब 25 मई 1999 को दिल्ली में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक हुई जिसमें तय किया गया कि पाकिस्तानी घुसपैठियों के खिलाफ हवाई हमले किये जाएं।

कारगिल युद्ध

वायुसेना की मदद मिलने से भारतीय सेना की स्थिति काफी मजबूत हो गयी थी। भारतीय सेना ने बहादुरी से लड़ते हुए पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया और तोलोलिंग तथा टाइगर हिल जैसी महत्वपूर्ण चोटियों पर तिरंगा लहरा दिया। कारगिल युद्ध की तसवीरें टीवी के माध्यम से घर-घर तक पहुँच गयी थीं और भारतीयों में पाकिस्तान के विरोध में गुस्सा उबाल ले रहा था। कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना के 2700 से ज्यादा सैनिक मारे गये और इस प्रकार 60 दिनों  के बाद 26 जुलाई 1999 में कारगिल युद्ध में भारत विजय हुआ।

आइए जानते हैं कारगिल युद्ध के प्रमुख हीरो के नाम:-

कारगिल युद्ध के भारतीय अमर शहीदों की सूची तो काफी बड़ी है लेकिन कुछ नाम मीडिया में काफी प्रमुखता से छाये रहे और कारगिल युद्ध पर आधारित फिल्मों में भी इन नामों का जिक्र रहा।

१. कैप्टन विक्रम बत्रा

२. लेफ्टिनेंट विजयंत थापर

३. लेफ्टिनेंट सौरभ कालिया

४. कैप्टन अनुज नैय्यर

५.ग्रे‍नेडियर योगेंद्र सिंह यादव

कारगिल विजय दिवस:-

26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस युद्ध में शहीद हुए भारतीय जवानों के सम्मान में मनाया जाता है। सभी भारतीय शहीदों को श्रद्धांजलि देते है । लेकिन शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तब होगी जब प्रत्येक भारतीय के मन में भारत माता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देने का भाव पैदा होगा।अकसर यह देखने में आता है कि किसी जवान के शहीद होने के तुरन्त बाद तो परिवार को खूब पूछा जाता है । कुछ दिनों बाद उनको कोई  याद नहीं करता यहां तक देश कि मीडिया भी उनके बारे मे कुछ नहीं दिखाती । ऐसा लगता है कि हमारे दिलों में शहीदों के लिए कोई सम्मान नहीं हैं। जरूरत है कि हमे अपने कर्तव्य का पालन करते हुऐ देश के शहीदों तथा उनको परिवार के लिए सम्मान बना कर रखें तभी देश का प्रत्येक जवान गर्व से युद्ध कर सकेगा।

कारगिल युद्ध

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उम्मीद करता हूं कि आपको हमारी ये जानकारी पसन्द आई होगी।। धन्यवाद्।।

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